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☆ अल्लाह की पनाह मांगो मोहताजी जिल्लत और जुल्म से ☆

♥  हदीस : अबु हुरैरा (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) रिवायत करते है की,
रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -

"अल्लाह की पनाह मांगो मोहताजी से और कामी और जिल्लत से और जुल्म करने से और (अपने उपर) जुल्म किये जाने से ।"

📚 सुनन इब्ने मजा, हदीस-3842

☆ दुआ :- अल्लाह तआला हमे कहने सुनने से ज्यादा अमल की तौफीक दे :-

☆ मै अल्लाह की पाकी ब्यान करता हुं उसकी मख्लुकात की तदाद के बराबर ☆

♥  हदीस : उम्मुल मोमीनीन जुवैरियाह (रजी अल्लाहु तआला अन्हा) से रिवायत है की,
रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) सुबह को उनके पास से निकले, ओ अपनी नमाज की जगह मे सुबह की नमाज अदा कर रही थी,

आप (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) वापस चाश्त के वक्त लौटे तो देखा की ओ वही बैठी हुई है,

आप (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने पुछा की जब से मै तुम्हे छोड़कर गया था तब से क्या तुम इसी हाल मे रही...??

उन्होंने कहा : "जी हां"

आपने फरमाया - "मै तुम्हारे बाद चार कलमे तीन बार पढ़े, अगर इन कलमो का वजन किया जाये उन कलमो के साथ जो तुमने आज अभी तक पढ़े है तो यही भारी रहेंगे ओ कलीमात ये है :-
سُبْحـانَ اللهِ وَبِحَمْـدِهِ عَدَدَ خَلْـقِه
وَرِضـا نَفْسِـه
وَزِنَـةَ عَـرْشِـه
وَمِـدادَ كَلِمـاتِـه
`
सुब्हानल्लाही व बिहम्दीही अदादा खलकीही, व रिदा नफसीही, व जिनाता अर्शीही व मिदादा कलीमातीही

〽️ तर्जमा : मै अल्लाह सुब्हानहु की पाकी ब्यान करता हुं उसकी मख्लुकात के तदाद के बराबर, और उसकी

☆ मुर्दो के लिये मगफिरत तलब किया करो ☆

♥  हदीस : नबी_ए_करिम (सल्ल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) जब किसी मय्यत की तदफीन से फारिग हो जाते तो कब्र के पास रुकते और फरमाते,
"अपने भाई के लिये मगफिरत तलब करो,
और उसके लिये साबीत कदमी की इजतिजा करो,
क्योंकी अब उससे सवाल किये जायेगें ।"

📚 सुनन अबु दाऊद, हदीस-3221

☆ रोज मर्रा के कामो मे भी सदका का सवाब ☆

♥ हदीस : अबु जर (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) ने कहा के,रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने इरशाद फरमाया-

"अपने किसी (मुस्लमान) भाई के सामने (खुशी से) तुम्हारा मुस्कुरा देना ये भी सदका है,.."

▫️और किसी को अच्छी बात का हुक्म देना और बुरी बात से रोकना ये सदका है,

▪️और किसी भटके हुवे को रास्ता बता देना ये भी सदका है,

▫️और किसी अन्धे की मदद कर देना ये भी सदका है,

▪️और रास्ते से पत्थर और कांटा और हड्डी हटा देना ये भी सदका है,

▫️और अपने डोल मे से अपने भाई के डोल मे पानी डाल देना ये भी सदका है,

💫 मतलब ये है के इन सब कामो पर सदका देने का सवाब मिलता है।

📜 मिश्कात शरिफ, जिल्द-1, सफा-169, जन्नती जेवर-235

•नोट : पुरे जमाने मे कुवें से पानी खिचवाने के लिये इस्तिमाल की जाने वाली बुकेट को डोल

☆ जिना, चोरी, शराब खोरी, मोमीन का काम नही ☆

♥  हदीस : अबु हुरैरा (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है की,
रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -

"जिना करने वाला जिना करते वक्त मोमीन नही रहता,

शराब पिने वाला शराब पिते वक्त मोमीन नही रहता,

चोरी करने वाला चोरी करते वक्त मोमीन नही रहता,

जब कोई लुटने वाला लुटता है और लोग उसे देखते है उस वक्त ओ भी मोमीन नही रहता।

☆ रिश्तेदारो से भलाई का हुक्म हर हाल मे ☆

♥  अबु हुरैरा (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की,एक शख्स ने अर्ज की - "या रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम)!

मेरे बाज रिश्तेदार है, मै उनसे ताअल्लुक जोड़ता हुं ओ मुझसे ताअल्लुक तोड़ते है,

मै उनके साथ अच्छा सुलुक करता हुं, ओ मेरे साथ बदसुलुक करते है,

और मै उनकी ज्यादतीयों को बरदाश्त करता हुं, ओ मेरे साथ जहालत से पेश आते है,"

▫️ रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने इरशाद फरमाया -
"जैसा तुम कह रहे हो अगर ऐसा ही है तो गोया तुम उनके मुंह मे गर्म गर्म राख झोक रहे हो,"

☆ कब्रो की ज्यारत मर्दो पर हलाल औरतों पर हराम ☆

▫  हदीस : अबु हुरैरा (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है की,रसुलल्लाह (सलल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -
"तुम कब्रो की जियरत किया करो क्योंकी ओ तुम्हे मौत की याद दिलाती है ।"

📚 सहीह मुस्लिम, वो-2, 2259


▪  हदीस : बुरैदा (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है की,
रसुलल्लाह (सलल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -
'मैंने तुम्हे मना किया था कब्रो की जियरत करने से लेकीन अब तुम जियरत करो उनकी".

📚सहीह मुस्लिम, वो-5, 5114


▫️  हदीस : अबु हुरैरा (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है की,

☆ शौहर का मकाम ☆

♥ हजरत माअज बिन जब्बल (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की,
रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया -

"दुनियां मे जब कोई औरत अपने शौहर को सताती है तो जन्नत मे मौजुद उसकी खुबसुरत आंखो वाली हुर बिवी उसकी दुनियांवी बिवी से कहती है,

तेरा सतयानास हो, उसको मत सता ये तो तेरे पास चंद दिनो का मेहमान है और जल्द ही तुझसे जुदा होकर

☆ मोमीन दुसरे मोमीन का आईना है ☆

♥ हदीस : रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) फरमाते है~
"मोमीन दुसरे मोमीन का आईना (Mirror) है,

और मोमीन दुसरे मोमीन कि भाई है जो नुकसान को उस से दुर करता है,

और उसकी गैर मौजुदगी मे उसकी हिफाजत करता है ।"

📚 सुनन अबु दाऊद, वो-3, हदीस-1486

#सुब्हान_अल्लाह __🌸

आईने की मिसाल बहुत ही हिकमत भरी है, और ओ ये है के:

जब हम आईने के सामने जाते है तो ओ हमारा मजाक नही उड़ता,

बल्कि हमारे ऐबो को हमारे सामने पेश करता है,

और सबसे अहम हिकमत ये के एक ही आईने के सामने मां भी अपने ऐबो को देखती है,
बाप भी अपनी इस्लाह करता है,
भाई और बहन तमाम उसके सामने अपने ऐबो को लेकर जाते है,
लेकीन ओ आईना बाप के ऐब मां को या किसी और को नही दिखाता,
यानी हमारे पिठ पिछे हमारे ऐब किसी और को नही बताता.."
-
♥सुब्हान अल्लाह!! हमारे इत्तेहाद के लिए कितनी नयाब मिसाल ब्यान की है,

☆ सखावत के दरख्त की जड़ बहीश्त मे और ☆

♥ हदीस : उम्महतुल-मोमीन आईशा (रजी अल्लाहु अन्हा) रिवायत करती है की,
रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया -

सखावत (दरियादीली) के दरख्त की जड़ बहीश्त मे और उसकी टहनियां दुनियां मे झुकी हुई है,

जो इसकी एक टहनी को पकड़ लेगा ओ टहनियां-टहनियां जन्नत मे पहुंच जाएगा,!

और कंजुसी के दरख्त की जड़ बिच दोजख मे और इसकी शाखें दुनिया मे फैली हुई है, एक टहनी सिधी दोजख

☆ जबरदस्ती बदकारी (Rape) करने पर सजा__ए__मौत ☆

#औरत के साथ जबरदस्ती बदकरी (Rape) करने पर #सजा__ए__मौत

♥ हदीस : इबाने हुज्र (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि,

रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) के जमाने मे एक औरत (सहाबीया) नमाज के लिए निकली रास्ते मे एक आदमी उनसे मिला और उसने उस औरत के साथ जबरदस्ती बदकारी की (यानी उसका Rape किया),

तो आप (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने उस शख्स को संगसार यानी राजम करने का हुक्म दिया (यानी उसे जमीन मे आधा डालकर तब तक पत्थर मारा जाये जब तक वह मर न जाये)।

📚 सुनन अबु दाऊद, वो-3, 973

♥ सबक : आज बहुत से मुल्क मे Rape के लिए मौत की सजा की डिमान्ड कर रहे है,

☆ हरगीज तन्हा नही होगा कोई मर्द किसी औरत के साथ ☆

♥  हदीस : हजरत अमर (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि,रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) फरमाते है कि -


"हरगीज तन्हा नही होगा कोई मर्द किसी औरत के साथ! मगर होता है उनमे तिसरा शैतान और शैतान के कामो से तो वाकीफ ही है की शैतान कभी मुस्लमान को अच्छे काम की दावत नही देगा, बल्कि उसकी मौजुदगी हमेशा बुरे कामो की दावत देगी, चाहे भले ही बुरे नियत से जामा न हुए हो ।"

📚 जामेअ तिर्मीजी, जिल्द-2, पेज-391, हदीस-1174

☆ रसुलल्लाह का मोमीनो पर ज्यादा हक है ☆

♥  हदीस : अबु हुरैरा (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि,रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -


"मै मोमीनो का खुद उनसे ज्यादा हकदार हुं, उनमे से जो कोई कर्जदार मरेगा और अदाएगी के लिए कुछ न छोड़ा तो हम पर उसकी अदाएगी की जिम्मेदारी है और कोई माल छोड़ा होगा तो ओ उसके वारिसो का हिस्सा है ।"

📚 सहीह बुखारी, वो-008, बुक-080, हदीस-723


♥ अल कुरआन : बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम !!!

"नबी मोमीनो पर उनकी जानो से भी ज्यादा हक रखते है और नबी की बिवीयां उनकी (उम्मत की) मां हैं ।"

☆ ऐब वाली चीज तिजारत मे ☆

♥  हदीस :  रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने इरशाद फरमाया -


"एक मुस्लमान दुसरे मुस्लमान का भाई है और जब मुस्लमान अपने भाई के हाथ कोई चीज बेचे जिसमे ऐब (बुराई) हो तो जब तक ब्यान न करे उसे बेचना हलाल नही।"

📚 सुनन इब्ने मजा, किताब-उल-तिजारत, जिल्द-3, पेज-58, हदीस-2246


#सबक : तिजारत मे इस बात का हमेशा ख्याल रखे की अगर किसी को कोई चीज बेच रहे हो तो बेचने से पहले उस चीज की कमी और ऐबो को भी ब्यान करे की यह उस पर वाजीब है।

☆ नेअमतों के जवाल से बचने की दुआ ☆

♥  हदीस : अब्दुल्लाह बिन उमर (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि,

रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) की दुआ ये थी,

 दुआ : اللهم إني اعوذ من زوال نعمتك وتحول عافيتك وفجأة نقمتك ، وجميع سخطك

"अल्लाहुमा इन्नी आऊजुबिका मीन जवाली निमतीका वा तहव्वुली अफयातीका,
वा फुजाती निकमातीका,
वा जमीअ सखातीका"

📌तर्जमा : "या अल्लाह मै पनाह मांगता हुं तेरी नेअमत के जवाल से,

और तेरी दी हुई आफीयात और सेहत के पलट जाने से,

और तेरे नागहानी अजाब से, और सब तेरे गजब (गुस्से) वाले कामों से"

☆ बे-अदबी और जहालत वाली बातों का अंजाम ☆

♥हदीस : रसुलल्लाह (सलल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) फरमाते हैं-

"बन्दा एक (1) बात जुबान से निकलता है और उसके मुतल्लिक सोचता नही (के कितनी कुफ्र और बे-अदबी की बात है,)

जिसकी वजह से ओ दोजख के घेरे मे इतनी दुर गीर पड़ता है जितना मशरिक से मगरिब दुर है।"

📚 बुखारी: 81 किताब-उल-रकाक: 23 बाब हिफ्ज अलसान

अस्तगफिरुल्लाह__!

♥अल्लाह हम सबको बचाये बे-अदबी और जहालत के कामो से...

☆ नेकी और बुराई क्या है ☆

♥हदीस : नवास इब्ने सामआन (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है कि,
मैंने रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) से पुछा -

"नेकी और बुराई क्या है..??"

आप (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -

"नेकी खुश अख्लाकी है और बुराई ऐसा काम करना है जो तेरे दिल मे खटके और तुझे ओ पसंद न हो के लोग उसे जाने ।"

📚 मुस्लिम शरिफ, सहीह बुखारी, बाब किताब ऊल इमान, पार्ट-1, पेज-85

☆ नेकी गुनाहो को मिटा देती है ☆

♥हदीस : अबु जर और मौज बिन जबल (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि,
नबी__ए__करिम (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया -

"जहां भी रहो अल्लाह तआला से डरते रहो और गुनाह के बाद नेकी कर लिया करो के ओ नेकी इस गुनाह को मिटा देगी और लोगो के साथ हुस्न_ए_अख्लाक से पेश आओ ।"

📚 तिर्मिजी शरिफ

☆ लोगो मे खैरात तकसीम किया करो ☆

♥हदीस : असमा बिन्त अबु बक्र (रजी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि,
रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया कि -

"माल को थैली मे बन्द कर के न रखना वरना अल्लाह तआला भी उसके खजाने मे तुम्हारे लिए बन्दीश लगा देगा,
जहां तक हो सके लोगो मे खैरात तकसीम किया करो ।"
📚 सहीह बुखारी

☆ बुजुर्गो के ताजीम की फजीलत ☆

♥रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) ने फरमाया कि -

"जो जवान आदमी किसी बुढ़े (बुजुर्ग) की ताजीम इस के बुढ़ापे के बिना पर करेगा तो

अल्लाह तआला इसके बुढ़ापे के वक्त कुछ ऐसे लोगो को तैयार फरमा देगा जो बुढ़ापे मे इसका आजीज व एकराम करेंगे ।"

📚 मिश्कात, जिल्द-2, सफा-1423, शाह अल'मुताबेह, जन्नती जेवर, सफा-392