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▫️हिस्सा-3 | 🌳 शेर 🌳
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〽️ मसनवी शरीफ में शेर से मुताल्लिक़ कुछ सबक़ आमेज़ रिवायतें दर्ज हैं उनमें से कुछ का तज़किरा यहाँ करता हुँ ~
✳️ शेर और खरगोश : एक जंगल में एक शेर ने तमाम जानवरों को हुक्म दिया कि तुम लोग रोज़ाना पर्ची निकालो और जिसके नाम की पर्ची आ जाये तो वो खुद ही मेरे पास आ जाये ताकि मैं उसे खाकर अपनी भूख मिटाऊं और उसके अलावा किसी और को परेशान ना करूं सारे जानवर इस पर राज़ी हो गए।
एक दिन एक चालाक खरगोश का नाम निकल आया पहले तो उसने जाने में आनाकानी की मगर जब दूसरे जानवरो ने तम्बीह की तो वो जाने को तैयार हो गया, वो कुछ देर से शेर के पास पहुंचा शेर ने गुस्से में उसे देर से आने की वजह पूछी तो कहने लगा कि हुज़ूर मैं और मेरा भाई दोनों आपके पास आने को निकले ही थे कि रास्ते में एक और शेर मिल गया और उसने मेरे भाई को रोक लिया मैं जान बचा कर आपके पास आया हुँ।
शेर ने जब ये सुना तो मारे गुस्से के कहने लगा कि मुझे उसके पास ले चलो तो खरगोश उसे लेकर एक कुंअे की मुंडेर पर आया और कहा कि वो देखिये वो इसमें घुसा बैठा है और मेरा भाई भी है, जब शेर ने कुंअे में झांका तो उसका अक्स और खरगोश का अक्स उसमे नज़र आया तो उसने कुंअें में छलांग लगा दी और डूबकर मर गया, खरगोश अपनी अक़्लमंदी से अपनी जान बचाकर वापस आ गया।
🌹सबक़- इससे दो सबक़ मिलते हैं पहला तो ये कि अगर चे मुसीबत सर पर ही क्यों ना आ जाये मगर इंसान को अपनी तदबीर नहीं छोड़नी चाहिये और कोशिश करते रहना चाहिये और दूसरी ये कि जिस तरह शेर ने अपने अक्स को दूसरा समझ कर उसे नुक्सान पहुंचाने की गर्ज़ से हमला किया और खुद ही नुक्सान उठाया उसी तरह एक मुसलमान का अपने मुसलमान भाई को नुक्सान पहुंचाना दर असल उसको नहीं बल्कि खुद को ही नुक्सान पहुंचाना है जिसकी कीमत उसे आखिरत में चुकानी होगी ।
🔆 शेर और लोमड़ी : एक शेर बूढ़ा हो गया तो एक गुफा में रूपोश हो गया जब कुछ दिन उसका आतंक नहीं दिखा तो जानवर उसकी तरफ से मुतमईन हो गए, एक रोज़ उसकी बीमारी की खबर जंगल में फैल गयी तो जानवर उसकी इयादत को गुफा में जाने लगे मगर जो भी जाता वो वापस ना आता, फिर एक लोमड़ी वहां पहुंची और बाहर से ही शेर की हाल खैरियत पूछी तो शेर ने अन्दर आने को कहा तो वो बोली कि मुझे लगता है कि आपकी खैरियत बाहर से पूछने में आफियत है क्योंकि मैं जानवरों के अंदर जाने के क़दमों के निशान तो देख रही हुँ मगर बाहर आने का कोई निशान नहीं है ।
🌹सबक़- दूर अंदेशी से काम लेना हमेशा फायदेमंद होता है ।
✳️ शेर और भेड़ : एक भेड़ छत पर चढ़कर नीचे से गुज़रते हुए शेर को गालियां देने लगी तो शेर बोला कि तेरी क्या मजाल कि तू मुझे गालियां दे बस ये छत पर चढ़कर तू बेबाक हो गयी है ।
🌹सबक़- वैसे ही कुछ कमज़र्फ लोग अपनी पोस्ट और ओहदे को पाकर अपने से आला को गालियां देते
〽️ मसनवी शरीफ में शेर से मुताल्लिक़ कुछ सबक़ आमेज़ रिवायतें दर्ज हैं उनमें से कुछ का तज़किरा यहाँ करता हुँ ~
✳️ शेर और खरगोश : एक जंगल में एक शेर ने तमाम जानवरों को हुक्म दिया कि तुम लोग रोज़ाना पर्ची निकालो और जिसके नाम की पर्ची आ जाये तो वो खुद ही मेरे पास आ जाये ताकि मैं उसे खाकर अपनी भूख मिटाऊं और उसके अलावा किसी और को परेशान ना करूं सारे जानवर इस पर राज़ी हो गए।
एक दिन एक चालाक खरगोश का नाम निकल आया पहले तो उसने जाने में आनाकानी की मगर जब दूसरे जानवरो ने तम्बीह की तो वो जाने को तैयार हो गया, वो कुछ देर से शेर के पास पहुंचा शेर ने गुस्से में उसे देर से आने की वजह पूछी तो कहने लगा कि हुज़ूर मैं और मेरा भाई दोनों आपके पास आने को निकले ही थे कि रास्ते में एक और शेर मिल गया और उसने मेरे भाई को रोक लिया मैं जान बचा कर आपके पास आया हुँ।
शेर ने जब ये सुना तो मारे गुस्से के कहने लगा कि मुझे उसके पास ले चलो तो खरगोश उसे लेकर एक कुंअे की मुंडेर पर आया और कहा कि वो देखिये वो इसमें घुसा बैठा है और मेरा भाई भी है, जब शेर ने कुंअे में झांका तो उसका अक्स और खरगोश का अक्स उसमे नज़र आया तो उसने कुंअें में छलांग लगा दी और डूबकर मर गया, खरगोश अपनी अक़्लमंदी से अपनी जान बचाकर वापस आ गया।
🌹सबक़- इससे दो सबक़ मिलते हैं पहला तो ये कि अगर चे मुसीबत सर पर ही क्यों ना आ जाये मगर इंसान को अपनी तदबीर नहीं छोड़नी चाहिये और कोशिश करते रहना चाहिये और दूसरी ये कि जिस तरह शेर ने अपने अक्स को दूसरा समझ कर उसे नुक्सान पहुंचाने की गर्ज़ से हमला किया और खुद ही नुक्सान उठाया उसी तरह एक मुसलमान का अपने मुसलमान भाई को नुक्सान पहुंचाना दर असल उसको नहीं बल्कि खुद को ही नुक्सान पहुंचाना है जिसकी कीमत उसे आखिरत में चुकानी होगी ।
🔆 शेर और लोमड़ी : एक शेर बूढ़ा हो गया तो एक गुफा में रूपोश हो गया जब कुछ दिन उसका आतंक नहीं दिखा तो जानवर उसकी तरफ से मुतमईन हो गए, एक रोज़ उसकी बीमारी की खबर जंगल में फैल गयी तो जानवर उसकी इयादत को गुफा में जाने लगे मगर जो भी जाता वो वापस ना आता, फिर एक लोमड़ी वहां पहुंची और बाहर से ही शेर की हाल खैरियत पूछी तो शेर ने अन्दर आने को कहा तो वो बोली कि मुझे लगता है कि आपकी खैरियत बाहर से पूछने में आफियत है क्योंकि मैं जानवरों के अंदर जाने के क़दमों के निशान तो देख रही हुँ मगर बाहर आने का कोई निशान नहीं है ।
🌹सबक़- दूर अंदेशी से काम लेना हमेशा फायदेमंद होता है ।
✳️ शेर और भेड़ : एक भेड़ छत पर चढ़कर नीचे से गुज़रते हुए शेर को गालियां देने लगी तो शेर बोला कि तेरी क्या मजाल कि तू मुझे गालियां दे बस ये छत पर चढ़कर तू बेबाक हो गयी है ।
🌹सबक़- वैसे ही कुछ कमज़र्फ लोग अपनी पोस्ट और ओहदे को पाकर अपने से आला को गालियां देते
▫️हिस्सा-2 | 🌳 शेर 🌳
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◼️ हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर रज़ियल्लाहु तआला अन्हु कहीं जा रहे थे रास्ते में कुछ लोगों को ठहरे हुए देखा तो आप अपनी सवारी से उतर गए, जब हाल पूछा तो पता चला कि एक शेर आकर रास्ते पर बैठ गया है अब कोई उस रास्ते पर जाये किसकी मजाल, ये सुनकर आप शेर के पास पहुंचे और उसका कान पकड़कर फरमाया कि ये तेरी जगह नहीं चलो रास्ता छोड़ो, शेर दुम हिलाता हुआ जंगल को चला गया।
हज़रते सफीना रज़ियल्लाहु तआला अन्हु शहरे रोम में किसी जंग के मौक़े पर लश्कर से जुदा होकर एक जंगल में भटक गए, अचानक आपके सामने एक शेर आ गया आपने फरमाया कि खबरदार मैं रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का गुलाम हुँ, इतना सुनते ही वो आपके आगे आगे गुलामाना तौर पर चलने लगा और आपको लश्कर से मिलाकर वापस लौट गया।
📕 अजायबुल हैवानात, सफह 21
〽️ इससे मालूम हुआ कि शेर जैसा वहशी जानवर भी अल्लाह वालों की क़द्र समझता है जब ही तो अपनी आदत के खिलाफ उनके साथ पेश आया।
◻️ ख्वाब में शेर को देखना गोया जाबिर दुश्मन से मुकाबला है अगर ये शेर से बचकर भाग आया तो दुश्मन से निजात है अगर शेर ने हमला किया और ये बच गया तो दुश्मन सर पर आ जायेगा मगर फिर भी निजात मिल जायेगी और अगर शेर ने पछाड़ दिया तो सख्त बीमार होगा या मुसीबत में गिरफ्तार होगा या फिर मौत आने की निशानी है और अगर इसने शेर को पछाड़ दिया तो रुतबा अज़ीम होगा । युंही अगर शेर घर में आया मगर नुकसान ना पहुंचाया तो भी मर्तबे की दलील है, जिसने शेर का गोश्त खाया या शेरनी का दूध पिया तो उसे दुश्मन
◼️ हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर रज़ियल्लाहु तआला अन्हु कहीं जा रहे थे रास्ते में कुछ लोगों को ठहरे हुए देखा तो आप अपनी सवारी से उतर गए, जब हाल पूछा तो पता चला कि एक शेर आकर रास्ते पर बैठ गया है अब कोई उस रास्ते पर जाये किसकी मजाल, ये सुनकर आप शेर के पास पहुंचे और उसका कान पकड़कर फरमाया कि ये तेरी जगह नहीं चलो रास्ता छोड़ो, शेर दुम हिलाता हुआ जंगल को चला गया।
हज़रते सफीना रज़ियल्लाहु तआला अन्हु शहरे रोम में किसी जंग के मौक़े पर लश्कर से जुदा होकर एक जंगल में भटक गए, अचानक आपके सामने एक शेर आ गया आपने फरमाया कि खबरदार मैं रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का गुलाम हुँ, इतना सुनते ही वो आपके आगे आगे गुलामाना तौर पर चलने लगा और आपको लश्कर से मिलाकर वापस लौट गया।
📕 अजायबुल हैवानात, सफह 21
〽️ इससे मालूम हुआ कि शेर जैसा वहशी जानवर भी अल्लाह वालों की क़द्र समझता है जब ही तो अपनी आदत के खिलाफ उनके साथ पेश आया।
◻️ ख्वाब में शेर को देखना गोया जाबिर दुश्मन से मुकाबला है अगर ये शेर से बचकर भाग आया तो दुश्मन से निजात है अगर शेर ने हमला किया और ये बच गया तो दुश्मन सर पर आ जायेगा मगर फिर भी निजात मिल जायेगी और अगर शेर ने पछाड़ दिया तो सख्त बीमार होगा या मुसीबत में गिरफ्तार होगा या फिर मौत आने की निशानी है और अगर इसने शेर को पछाड़ दिया तो रुतबा अज़ीम होगा । युंही अगर शेर घर में आया मगर नुकसान ना पहुंचाया तो भी मर्तबे की दलील है, जिसने शेर का गोश्त खाया या शेरनी का दूध पिया तो उसे दुश्मन
▫️हिस्सा-1 | 🌳 शेर 🌳
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〽️ शेर को अरबी में असद कहते हैं इब्ने खाल्विया लिखते हैं कि शेर के 500 नाम है और अली बिन क़ासिम बिन जाफर लगवी ने इसमें 130 नामों का और इज़ाफा किया है, किसी के ज़्यादा नाम उसकी अज़मत के दलायल होते हैं इसी बात से शेर की अज़मत का पता चलता है, शेर एक ताक़वर बहादुर चालाक दिलेर जुर्रातमन्द और बेहतरीन हमला आवर जानवर है।
इसकी पैदाईश का भी अजीब तरीका है शेरनी एक गोश्त का बेजान लोथड़ा पेट से निकालकर जमीन पर फेंकती है जिसे वो 3 दिन तक हिफाज़त में रखती है चौथे दिन से शेर उसके नथुनों में फूंक मारता रहता है यहां तक कि उसमे रूह पड़ जाती है अब उसके आज़ा बनते हैं जिसे शेरनी अपने दूध से पालती है, बच्चा 7 दिन के बाद ही अपनी आंख खोलता है और 6 महीने में पूरा शिकारी हो जाता है।
शेर भूख में सब्र करता है पानी बहुत कम पीता है किसी जानवर का झूठा नहीं खाता यहां तक कि अपना पेट भर जाने के बाद खुद उसी शिकार से दोबारा कुछ नहीं खाता, शेर कुत्ते का झूठा पानी कभी नहीं पीता उसकी गरज से सारे जानवर डरते हैं मगर गधा इतना डर जाता है कि भाग भी नहीं पाता, शेर मुर्गे की बांग मोर की ठोंग और बिल्ली से बहुत डरता है आग देखकर हैरान होता है, जब ये बीमार होता है तो बन्दर खाता है और ठीक हो जाता है इसके बुढ़ापे की अलामत इसके दांतों का गिरना है, ये चाहे कितना भी भूखा हो मगर किसी हैज़ वाली औरत के करीब भी नहीं जाता उम्र बहुत लम्बी पाता है और इसका बदन हमेशा गर्म रहता है।
📕 हयातुल हैवान, जिल्द 1, सफह 53-57
📕 अजायबुल हैवानात, सफह 20
◼️ जब कश्ती में तमाम जानवरों के साथ शेर सवार हुआ तो सारे जानवर दहशत में आ गए तो मौला ने शेर को बुखार में जकड़ दिया ये पहला जानवर है जो बीमार हुआ ।
📕 अलबिदाया वननिहाया, जिल्द 1, सफह 111
◻️ कश्तिये नूह में कुछ जानवरों की पैदाईश बताई जाती है जो कि इस तरह है जब कश्ती में जानवरों ने
〽️ शेर को अरबी में असद कहते हैं इब्ने खाल्विया लिखते हैं कि शेर के 500 नाम है और अली बिन क़ासिम बिन जाफर लगवी ने इसमें 130 नामों का और इज़ाफा किया है, किसी के ज़्यादा नाम उसकी अज़मत के दलायल होते हैं इसी बात से शेर की अज़मत का पता चलता है, शेर एक ताक़वर बहादुर चालाक दिलेर जुर्रातमन्द और बेहतरीन हमला आवर जानवर है।
इसकी पैदाईश का भी अजीब तरीका है शेरनी एक गोश्त का बेजान लोथड़ा पेट से निकालकर जमीन पर फेंकती है जिसे वो 3 दिन तक हिफाज़त में रखती है चौथे दिन से शेर उसके नथुनों में फूंक मारता रहता है यहां तक कि उसमे रूह पड़ जाती है अब उसके आज़ा बनते हैं जिसे शेरनी अपने दूध से पालती है, बच्चा 7 दिन के बाद ही अपनी आंख खोलता है और 6 महीने में पूरा शिकारी हो जाता है।
शेर भूख में सब्र करता है पानी बहुत कम पीता है किसी जानवर का झूठा नहीं खाता यहां तक कि अपना पेट भर जाने के बाद खुद उसी शिकार से दोबारा कुछ नहीं खाता, शेर कुत्ते का झूठा पानी कभी नहीं पीता उसकी गरज से सारे जानवर डरते हैं मगर गधा इतना डर जाता है कि भाग भी नहीं पाता, शेर मुर्गे की बांग मोर की ठोंग और बिल्ली से बहुत डरता है आग देखकर हैरान होता है, जब ये बीमार होता है तो बन्दर खाता है और ठीक हो जाता है इसके बुढ़ापे की अलामत इसके दांतों का गिरना है, ये चाहे कितना भी भूखा हो मगर किसी हैज़ वाली औरत के करीब भी नहीं जाता उम्र बहुत लम्बी पाता है और इसका बदन हमेशा गर्म रहता है।
📕 हयातुल हैवान, जिल्द 1, सफह 53-57
📕 अजायबुल हैवानात, सफह 20
◼️ जब कश्ती में तमाम जानवरों के साथ शेर सवार हुआ तो सारे जानवर दहशत में आ गए तो मौला ने शेर को बुखार में जकड़ दिया ये पहला जानवर है जो बीमार हुआ ।
📕 अलबिदाया वननिहाया, जिल्द 1, सफह 111
◻️ कश्तिये नूह में कुछ जानवरों की पैदाईश बताई जाती है जो कि इस तरह है जब कश्ती में जानवरों ने
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